RTI: पहले फोटोस्टेट के लिए 30.34 लाख और डाक खर्च के 73 हजार दो, फिर मिलगी जानकारी

राइट टू इन्फोर्मेशन (RTI) एक्ट के तहत सूचना के लिए पहले 30 लाख 34 हजार 738 रुपए जमा करवाओ, उसके बाद ही जानकारी मिलेगी। यह पढ़कर आप भी हैरान हो गए होंगे, लेकिन यह सच है।

फरमान सुनाया है बाल विकास परियोजना अधिकारी ने. मामला मंडी के गोहर उपमंडल का है। यहां एक आवेदक ने पांच वर्षों का रिकार्ड आरटीआई के तहत मांगा तो विभाग ने पहले बिल थमा दिया और बाद में जानकारी देने को कहा।

डेढ़ लाख पन्नें हैं, पांच साल का रिकॉर्ड मांगा था

मंडी के गोहर उपमंडल के चैलचौक गांव निवासी सुरेश कुमार ने बाल विकास परियोजना अधिकारी के कार्यालय में आरटीआई के तहत पांच वर्षों का रिकार्ड मांगा. लेकिन सुरेश कुमार से मांग की गई कि रिकार्ड तभी मिलेगा, जब वह 30 लाख 34 हजार 738 रुपए की राशि विभाग को एडवांस में देंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि, जो रिकार्ड मांगा गया है, वह करीब डेढ़ लाख पन्नों का है।

विभाग को यह सभी पन्ने फोटोस्टेट करवाने पड़ेंगे. फिर डाक से आवेदक को भेजने पड़ेंगे. डाक का खर्च भी 73150 रुपए आएगा. विभाग ने बाकायदा, सुरेश को पत्र लिखकर एडवांस पैसे जमा करवाने की जानकारी दी है।

चेकबुक लेकर आवेदक पहुंचा दफ्तर

सुरेश कुमार इस पत्र को लेकर विभाग के कार्यालय में चेक बुक साथ लेकर गया. उसने विभाग से पूछा कि अगर जानकारी तैयार है तो अभी चेक काट कर दे दूंगा, लेकिन विभाग के पास जानकारी तैयार नहीं थी। सुरेश कुमार का यह भी कहना है कि जब तक जानकारी तैयार नहीं होती एक्ट के तहत पहले पैसे लेने का कोई प्रावधान नहीं है।

आंगबाड़ी में घोटाले की बू

सुरेश को कुछ ऐसी जानकारी मिली थी, जिससे उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी बड़े घोटाले की बू आ रही थी। इसी बात को लेकर उन्होंने आरटीआई खंगालने की सोची है।

सुरेश का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में मात्र 4-5 बच्चे होते हैं, जबकि कागजों में 20 दर्शाए जाते हैं। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को उचित पोषाहार नहीं मिल रहा और आंगनबाड़ी केंद्रों में मनमानी चल रही है। इन्हीं बातों की वह सारी सच्चाई जानने का प्रयास कर रहे हैं।

कोई घपलेबाजी नहीं हुई : अघिकारी

बाल विकास परियोजना अधिकारी गोहर, सीमा ठाकुर ने विभाग में किसी भी प्रकार की घपलेबाजी से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि एक्ट के तहत उन्होंने आवेदक से कार्यालय में आकर रिकार्ड जांचने को कहा था, लेकिन आवेदक सभी के दस्तावेज की मांग कर रहे हैं। उन्होंने भी एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि डेढ लाख पेज फोटोस्टेट करवाने के लिए, जो खर्च आएगा, उसे एडवांस में मांगा गया है।

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